यूरोप में 90% नए कोरोना मामले डेल्टा वैरिएंट से संबंधित होंगे, युवाओं को ज्यादा खतरा

एजेंसी ने कहा है-नया डेल्टा वैरिएंट ज्यादा संक्रामक है. हमारा अनुमान है कि अगस्त महीने के आखिरी तक यूरोप में 90 फीसदी मामले में इसी वैरिएंट से संबंधित होंगे. एजेंसी का अनुमान है कि डेल्टा वैरिएंट अपने पूर्ववर्ती अल्फा वैरिएंट से 40-60 गुना अधिक संक्रामक हो सकता है.
यह चेतावनी भी दी गई है कि कोरोना के मामले बढ़ने के साथ अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ सकती है. मेडिकल सिस्टम पर बोझ एक बार फिर बढ़ सकता है. साथ ही नए वैरिएंट के प्रभाव की वजह से मौतों का आंकड़ा भी बढ़ सकता है.
दूसरी डोज का काम जल्द पूरा किए जाने की जरूरत
एजेंसी ने कोरोना के खिलाफ अभियान को तेज करने के लिए वैक्सीनेशन पर जोर देने को कहा है. अभी तक यूरोप में 80 से अधिक उम्र के 30 फीसदी लोगों, 60 से ऊपर 40 फीसदी लोगों का पूरा वैक्सीनेशन नहीं हुआ है. एजेंसी का कहना है कि इस स्टेज में अब दूसरी डोज का काम जल्द पूरा किए जाने की जरूरत है.
भारत ने डेल्टा प्लस को माना वैरिएंट ऑफ कंसर्न
बता दें भारत में इस वक्त डेल्टा वैरिएंट के म्यूटेशन डेल्टा प्लस के केस मिलने लगे हैं. हालांकि इनकी संख्या अभी बेहद कम है. लेकिन मंगलवार को भारत सरकार ने इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न कहा है. साथ ही देश के सभी राज्यों को चिट्ठी लिखकर इस वैरिएंट के खिलाफ सतर्क रहने को आगाह किया गया है.