अपने यहां जैसे ही भारतीय वैक्सीनेशन को मान्यता दें यरोपीय देश, ये परस्पर संबंध: विदेश मंत्रालय

यूरोपीय यूनियन के इस वैक्सीन सर्टिफिकेट कार्यक्रम को ‘ग्रीन पासपोर्ट’ भी कहा जा रहा है. यूरोपीय यूनियन में इस वक्त चार वैक्सीन के जरिए वैक्सीनेशन चल रहा है. ये वैक्सीन हैं-फाइज़र, मॉडर्ना, एस्ट्राजेनेका, जॉनसन एंड जॉनसन.
साथ ही मंत्रालय ने कहा है कि इस वक्त केंद्र सरकार का पूरा ध्यान देश में वैक्सीन की आपूर्ति पर लगा हुआ है. दरअसल शुरुआती महीनों में भारत द्वारा बड़ी संख्या में वैक्सीन मैत्री के तहत एक्सपोर्ट किया गया था. लेकिन देश में कोरोना की दूसरी भयावह लहर के बाद सरकार का पूरा फोकस इस वक्त अपने देश के नागरिकों पर है. इसी क्रम में घरेलू उत्पादन को बहुत तेजी के साथ बढ़ाया जा रहा है. साथ ही विदेशी वैक्सीन को भी भारत में अनुमति दी गई है.
9 देशों ने कोविशील्ड को दे दी है मान्यता
बता दें कि भारत के आग्रह के बाद यूरोपीय संघ के 8 देशों और स्विट्जरलैंड ने गुरुवार को कोविशील्ड वैक्सीन को मान्यता दे दी है. 8 यूरोपीय संघ के देशों ऑस्ट्रिया, जर्मनी, स्लोवेनिया, ग्रीस, आइसलैंड, आयरलैंड, स्पेन और एस्टोनिया के अलावा स्विट्जरलैंड ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कोविशील्ड वैक्सीन को ग्रीन पासपोर्ट में शामिल किया है. भारत में कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज लगा चुके लोग अब इन देशों की यात्रा कर सकते हैं.
भारत सरकार की दो टूक
केंद्र सरकार ने ईयू से दो-टूक कह दिया था कि अगर वैक्सीन को अगर स्वीकार नहीं किया जाएगा तो ईयू के नागरिकों के भारत पहुंचने पर उनके लिए क्वारंटीन अनिवार्य किया जाएगा.