खुदरा महंगाई और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले का शेयर मार्केट पर दिखेगा, ऐसी रहेगी बाजार की चाल Retail inflation and the decision of the US Federal Reserve will be seen on the stock market, this is h


शेयर बाजारों की चाल इस सप्ताह मुख्य रूप से व्यापक आर्थिक आंकड़ों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर निर्णय से तय होगी। बाजार के जानकारों ने यह राय व्यक्त की। मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते भी बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकती है। अभी निफ्टी का बड़ा सपोर्ट 18450 के स्तर पर है। अगर निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिके रहने में कामयाब रहता है तो फिर इसमें 18,700 से 18,800 का स्तर भी देखने को मिल सकता है। वहीं, अगर निफ्टी 18,450 के स्तर से नीचे फिसलता है तो टूटकर 18,300-18,200 तक जा सकती है। इसलिए छोटे निवेशक अभी वेट एंड वाच के मोड में रहें। बाजार में एग्रेसिव निवेश से बचें। 16 दिसंबर को फेड के फैसले के बाद ही नया निवेश की सोचे।
सोमवार को आएंगे आईआईपी के आंकड़े
औद्योगिक उत्पादन और खुदरा महंगाई दर के आंकड़े सोमवार को जारी होंगे। इसके अलावा थोक मुद्रास्फीति के आंकड़े बुधवार को आएंगे। स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, यह सप्ताह वैश्विक संकेतों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इस दौरान अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों की समीक्षा के फैसले आएंगे। बाजार के लिहाज से ये सबसे महत्वपूर्ण घटनाएं होंगी। उन्होंने कहा, घरेलू मोर्चे पर, औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) और खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़े 12 दिसंबर को आएंगे। थोक मुद्रास्फीति के आंकड़े 14 दिसंबर को घोषित किए जाएंगे। इसके अलावा चीन से आने वाली खबरें, कच्चे तेल की कीमतों का उतार-चढ़ाव और डॉलर सूचकांक अन्य महत्वपूर्ण कारक होंगे। मीणा ने आगे कहा कि संस्थागत प्रवाह पर भी नजर रखने की जरूरत है, क्योंकि पिछले सप्ताह में विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुद्ध बिकवाल रहे हैं। बीते सप्ताह एफआईआई ने शुद्ध रूप से 4,305.97 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
आरबीआई ने ब्याज दरों में की बढ़ोतरी
पिछले हफ्ते भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मुद्रास्फीति को संतोषजनक स्तर पर लाने के लिए रेपो दर में 0.35 प्रतिशत की और बढ़ोतरी की थी। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, आरबीआई ने उम्मीद के मुताबिक नीतिगत दरों में 0.35 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जबकि आगामी बैठक में दरों में और वृद्धि का संकेत दिया है। नायर ने कहा कि रूसी तेल पर नए प्रतिबंधों के चलते वैश्विक तेल बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। पिछले हफ्ते बीएसई सेंसेक्स 686.83 अंक या 1.09 प्रतिशत टूटा था। शुक्रवार को सेंसेक्स 62,181.67 पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 18,496.6 अंक पर बंद हुआ था।