Court on Baldness : Calling someone bald would be considered sexual harassment, British court ruled| किसी शख्स को गंजा कहना यौन उत्पीड़न माना जाएगा, ब्रिटिश अदालत का फैसला


Baldness
Highlights
- एक कर्मचारी ‘गंजा’ कहे जाने के मामले में एक शिकायत लेकर कोर्ट पहुंचा
- किसी भी शख्स के लिए इस शब्द का इस्तेमाल करना एक तरह का भेदभाव- कोर्ट
Calling a man bald : अब अगर आपने किसी शख्स को गंजा कह दिया तो इसे यौन उत्पीड़न माना जाएगा। जी हां, एक ब्रिटिश अदालत ने इसे यौन उत्पीड़न करार दिया है। दरअसल यह मामला तब शुरू हुआ जब एक कर्मचारी ‘गंजा’ कहे जाने के मामले में एक शिकायत लेकर अदालत पहुंचा।
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब पहुंचा। वेस्ट यॉर्कशायर में ब्रिटिश बंग कंपनी में 24 साल काम करने वाले टोनी फिन ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री सुपरवाइजर जैमी किंग की ओर से यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ा था। फिन का यहआरोप था कि जुलाई 2019 में किंग ने उन्हें ‘गंजा’ कहते हुए गाली दी थी। फिन की अर्जी पर जज ने कहा कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों के बाल ज्यादा झड़ते हैं इसलिए किसी भी शख्स के लिए इस शब्द का इस्तेमाल करना एक तरह का भेदभाव है।
तीन जजों के पैनल ने सुनाया फैसला
फिन की अर्जी पर तीन जजों के पैनल ने अपना फैसला सुनाया। इस पैनल का अगुवाई जज जोनाथन ब्रेन कर रहे थे। तीन जजों की पैनल ने किसी शख्स को गंजा कहने की तुलना किसी महिला की ब्रेस्ट पर कमेंट करने से की। पैनल ने आरोपों पर विचार किया कि क्या उसके गंजेपन पर टिप्पणी सिर्फ अपमान है या वास्तव में यौन उत्पीड़न है। पैनल ने कहा, ‘हमारे फैसले में, गंजा शब्द और सेक्स की संरक्षित विशेषताओं (Protected Characteristic of Sex) के बीच संबंध है।’
‘गंजा’ शब्द का इस्तेमाल करना अपमानजनक व्यवहार
कोर्ट ने कहा, ‘हम इसे स्वाभाविक रूप से यौन उत्पीड़न से जुड़ा पाते हैं। किंग ने फिन के रंग-रूप पर यह टिप्पणी उनको आहत करने के लिए की। गंजापन अक्सर पुरुषों में पाया जाता है। इसलिए अदालत का यह माना कि फिन के लिए ‘गंजा’ शब्द का इस्तेमाल करना, एक अपमानजनक व्यवहार था। इससे फिन की गरिमा को ठेस पहुंची है।