– …मैं अपनी आंखों के सामने – News18 हिंदी

नई दिल्ली. जमीयत उलेमा-ए-हिंद (Jamiyat Ulema-E-Hind) के एक कार्यक्रम में आचार्य लोकेश मुनि (Lokesh Muni) समेत अन्य धर्मगुरुओं के एक समूह के साथ मंच छोड़ने वाले जैन मुनि ने सोमवार को कहा कि वह अपनी आंखों के सामने अपने धर्म और संस्कृति का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकते. जमीयत प्रमुख मौलाना अरशद मदनी (Maulana Arshad Madni) के “ओम और अल्लाह एक ही हैं” बयान पर असहमति जताते हुए आचार्य लोकेश मुनि समेत कुछ अन्य धर्मों के धर्म गुरु नाराज़ हो गए और कार्यक्रम बीच में छोड़कर चले गए. मुनि ने ट्वीट किया, “मुझे अपनी शहादत मंजूर थी. मैं अपनी आँखों के सामने अपने धर्म, संस्कृति का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता, इसलिए विरोध किया, शास्त्रार्थ की चुनौती दी.”
जमीयत उलेमा-ए-हिंद (अरशद मदनी गुट) के प्रमुख ने रविवार को उस समय विवाद खड़ा कर दिया जब उन्होंने दावा किया कि ‘ओम’ और ‘अल्लाह’ एक ही भगवान हैं जिनकी ‘मनु’ पूजा करते हैं. उनके इस बयान पर अन्य धार्मिक नेताओं ने आपत्ति जताई. मौलाना अरशद मदनी ने रविवार को जमीयत के महमूद मदनी समूह के तीन दिवसीय 34वें अधिवेशन के अंतिम दिन दिल्ली के रामलीला मैदान में कहा ‘‘मैंने बड़े बड़े धर्मगुरुओं से पूछा कि जब कोई नहीं था, न श्री राम थे, न ब्रह्मा थे, न शिव थे, जब कोई नहीं था, तब सवाल पैदा होता है कि मनु पूजते किसे थे?” उन्होंने कहा, ‘‘कोई कहता है कि शिव को पूजते थे, लेकिन उनके पास इल्म नहीं है. बहुत कम लोग ये बताते हैं कि जब कुछ नहीं था दुनिया में तो मनु ओम को पूजते थे.’’
मुझे अपनी शहादत मंजूर थी-जैन आचार्य लोकेश
मैं अपनी आँखों के सामने अपने धर्म, संस्कृति का अपमान बर्दाश्त नहीं कर सकता,इसलिए विरोध किया, शास्त्रार्थ की चुनौती दी। pic.twitter.com/hlIDx7l4vl
— Acharya Lokesh Muni (@Munilokesh) February 13, 2023
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Tags: Hindu, Islam religion, Jamiat Ulema-e-Hind
FIRST PUBLISHED : February 13, 2023, 20:24 IST