स्पुतनिक वी और कोविशील्ड खुराक को मिलाने की इजाजत दे सकता है भारत– News18 Hindi

नई दिल्ली. भारत कोविड -19 टीकाकरण के लिए रूस के स्पुतनिक वी और पुणे स्थित एसआईआई द्वारा बनाए जा रहे ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका के कोविशील्ड के मिश्रण को मंजूरी देने पर विचार कर रहा है. एक बार अनुमति मिलने के बाद, लोग एक टीके की पहली खुराक और दूसरे की दूसरी खुराक चुनने के लिए स्वतंत्र होंगे. मिंट में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह (एनटीएजीआई) का कोविड -19 कार्यकारी समूह टीकों को मिलाने की अनुमति देने पर विचार कर रहा है, लेकिन इसके साथ एक प्रतिबंध यह भी शामिल किया गया है कि दोनों खुराक एक ही प्लेटफॉर्म से हो.
रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि अंतिम निर्णय इस बात के ‘बढ़ते सबूतों’ पर आधारित होगा कि टीकों का मिश्रण और मिलान ‘न केवल सुरक्षित है, बल्कि एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया भी पैदा करता है’ और देश में वैक्सीन आपूर्ति की कमी के मुद्दे को भी हल करेगा. बीते 29 जुलाई को, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति (एसईसी) ने मौजूदा कोविड-19 प्रोटोकॉल के अपडेशन के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मुलाकात की थी, जिसमें वैक्सीन की खुराक मिलाने की सिफारिश की गई थी.
सूत्रों ने सीएनएन-न्यूज 18 को बताया था कि एसईसी कोविशील्ड और कोवैक्सिन वैक्सीन की खुराक का मिश्रण करने के पक्ष में था. यह कहते हुए कि उसने सिफारिश की है कि वेल्लोर स्थित क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी) को कोविड-19 के दो टीकों कोवैक्सीन और कोविशील्ड के मिश्रण के क्लिनिकल परीक्षण की इजाजत दी जाए.
क्योंकि कोरोनो वायरस उत्परिवर्तित (Mutate) और विकसित होता रहता है, ऐसे में दो अलग-अलग टीकों को मिलाने से उसकी कथित बढ़ी हुई ताकत को लेकर बढ़ती सुगबुगाहट के साथ, विशेषज्ञ पैनल ने कोवैक्सिन और कोविशील्ड के विनिमेय प्रोटोकॉल (Interchangeability Protocol) पर विस्तार से चर्चा की. एसईसी ने विस्तृत विचार विमर्श के बाद वेल्लोर के सीएमसी को चौथे चरण का क्लिनिकल परीक्षण करने की अनुमति देने की सिफारिश की.
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