तुर्की कोयला खदान विस्फोट में अबतक 40 की मौत, धमाके के वक्त 100 से ज्यादा श्रमिक थे मौजूद Turkey Coal Mine Blast Explosion in coal mine death toll rises to 40


Turkey Coal Mine Explosion
Highlights
- तुर्की की कोयला खदान में जबरदस्त धमाका
- धमाके में मरने वालों की संख्या में इजाफा
- 2014 में भी 300 सौ लोगों की गई थी जान
Turkey Coal Mine Blast: तुर्की में एक भीषण हादसा हुआ है। यहां एक कोयले की खदान में ज्वलनशील गैसों की वजह से जोरदार धामाका हुआ है। इस धमाके में मरने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। ताजा जानकारी के मुताबिक उत्तरी तुर्की में एक कोयला खदान में विस्फोट में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर शनिवार को 40 हो गयी है। यह विस्फोट शुक्रवार शाम छह बजकर 45 मिनट पर काला सागर के तटीय प्रांत बार्टिन के अमासरा शहर में सरकारी ‘टीटीके अमासरा म्यूस्सेसे मुदुर्लुगु’ खदान में हुआ।
खदान में काम कर रहे थे 110 मजदूर
बताया जा रहा है कि विस्फोट के वक्त खदान में 110 मजदूर काम कर रहे थे। पीड़ित लोगों के परिजन रात भर ठंड में खदान के बाहर अपने प्रियजनों की खोज खबर लेने के लिए जुटे रहे। गृह मंत्री सुलेमान सोयलु ने शनिवार को कहा कि 40 श्रमिकों की मौत हो गयी है। 11 श्रमिक घायल हैं और अस्पताल में भर्ती हैं जबकि 58 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। बाकी के एक श्रमिक के बारे में अभी कुछ पता नहीं चला है।
खदान में 12 से अधिक श्रमिक फंसे
ऊर्जा मंत्री फातेह डोनमेज ने बताया कि बचाव अभियान लगभग पूरा हो गया हे। इससे पहले उन्होंने बताया था कि खदान की दीर्घा में आग लगी हुई है, जहां 12 से अधिक श्रमिक फंसे हुए हैं। उन्होंने बताया था कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि विस्फोट कोयला खदानों में पायी जाने वाले ज्वलनशील गैसों के कारण हुआ। एक श्रमिक सीलाल कारा (40) ने कहा, ‘‘हमने एक डरावना मंजर देखा, इसे बयां नहीं किया जा सकता, यह बहुत दुखद है। वे सभी मेरे दोस्त हैं। उन सभी के कुछ सपने थे।’’
2014 में 300 सौ लोगों की गई थी जान
तुर्की की आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि घटनास्थल पर एम्बुलेंस खड़ी हैं और इलाके में बचाव दल भेजे गए हैं। तुर्की के राष्ट्रपति रज्जब तैय्यब एर्दोआन शनिवार को अमासरा का दौरा कर सकते हैं। ऊर्जा मंत्री फातेह डर्माज ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि विस्फोट कोयला खदानों में पायी जाने वाले ज्वलनशील गैसों के कारण हुआ। गौरतलब है कि देश की सबसे भीषण खदान आपदा 2014 में हुई थी जब सोमा शहर में एक कोयला खदान में आग लगने से कुल 301 लोगों की मौत हो गयी थी।